Social Issues Editorials
Social Issues Editorials in Hindi

जनगणना करवाने को फिर से देरी होगी

Census to be delayed again सीमाओं को फ्रीज करने की समय सीमा 30 जून तक बढ़ाई गई समाचार में: जनगणना, जो 2021 में होने वाली थी, को अगले आदेश तक 2024-25 तक आगे बढ़ा दिया गया है।जनगणना की गणना हाउस-लिस्टिंग गणना से पहले की जानी है जहां राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के लिए अभ्यास किया जाना है। समाचार सारांश: भारत…

0 Comments
Social Issues Editorials
Social Issues Editorials in Hindi

जनगणना का वक्त: जनगणना कराने में सरकार की देरी का मामला 

Time to count जनगणना जैसी बेहद महत्वपूर्ण कवायद में और देरी करना सरकार के लिए उचित नहीं है हर दस साल पर होने वाली जनगणना के महत्व को कतई कम करके नहीं आंका जा सकता। चूंकि जनगणना अन्य बातों के अलावा भारतीय आबादी की बुनियादी जनसांख्यिकी, साक्षरता का स्तर, जाति की स्थिति, शैक्षिक स्थिति, बोली जाने वाली भाषाएं, धर्म, वैवाहिक…

0 Comments
Social Issues Editorials
Social Issues Editorials in Hindi

हल्द्वानी मामला: उत्तराखंड हाईकोर्ट अपने फैसले पर कैसे पहुंचा?

Haldwani case अदालतों को राज्य की कार्रवाई की मनमानी के खिलाफ नागरिकों के संरक्षक के रूप में अपनी भूमिका को पहचानना चाहिए प्रसंग: सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में यूके के हल्द्वानी में भारतीय रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण हटाने के उत्तराखंड (यूके) उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी, जिसके कारण वहां रहने वाले 4,000 से अधिक परिवारों…

0 Comments
Environmental Issues
Environmental Issues Editorial in Hindi

नए वन संरक्षण नियमों पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की स्थिति ‘समान रहेगी’

What is National Commission for Scheduled Tribes? राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने हाल ही में कहा था कि वन (संरक्षण) नियम (FCR) 2022 निश्चित रूप से वन अधिकार अधिनियम, 2006 का उल्लंघन करेगा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के बारे में: स्थापित हुआ : 2004संवैधानिक प्रावधान:इसकी स्थापना अनुच्छेद 338 में संशोधन करके और संविधान (89वें संशोधन) अधिनियम, 2003 के माध्यम से…

0 Comments
Economics Editorial
Economics Editorial in Hindi

एक काबिलेतारीफ कदम: मुफ्त अनाज योजना

A welcome move केंद्र द्वारा 2023 में मुफ्त खाद्यान्न वितरण का भार उठाने से राज्यों को राहत मिलेगी सरकार ने अप्रैल, 2020 से लेकर दिसंबर, 2022 (बीच की एक छोटी अवधि को छोड़कर) के दौरान चलने वाली ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ (पीएमजीकेवाई) का और आगे विस्तार नहीं करने का निर्णय लिया है और खाद्यान्नों का अतिरिक्त आवंटन यानी राष्ट्रीय…

0 Comments