Economics Editorials in Hindi

Economics Editorials in Hindi
Economics is the study of scarcity and its implications for the use of resources, production of goods and services, growth of production and welfare over time, and a great variety of other complex issues of vital concern to society.
The economy of any country is the backbone of any nation that ensures its citizens’ prosperity and well-being. It is also the leading factor behind employment generation, infrastructure development, raising the citizens’ per-capita income, and many more factors.
This section features Economics Editorials in the Hindi language exclusively from the Indian economy because these are only relevant to various Competitive Exams like UPSC-IAS, SSC, and other State Civil Services Examinations.
The featured articles or editorials on Economics Editorials in Hindi page are taken from various prestigious resources like The Hindu, Indian Express, The Economic Times Hindi, Times of India, etc. These are translated with a high level of accuracy and are featured in Economics Editorials in Hindi section of the Editorials in Hindi website.
Apart from the aspiring students, Economists, News Readers, and Content Writers should also visit this page regularly to stay updated with current trends in the Indian Economy.
Economics Editorials in Hindi

Latest Editorials on Economics in Hindi

Economics Editorial
पेटेंट सौदेबाजी को लागू करना
Enforcing the Patent Bargain आईपीआर संवेदनशीलता सार्वजनिक स्वास्थ्य दायित्वों की कीमत पर नहीं होनी चाहिए प्रसंग: 2016 में, वाणिज्य मंत्रालय के तहत तत्कालीन औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (जिसे अब उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के रूप में जाना जाता है) ने राष्ट्रीय आईपीआर नीति जारी की। इस नीति का समग्र उद्देश्य देश...
Economics Editorial
बड़ी उम्मीदें: निर्मला सीतारमण का चुनाव-पूर्व बजट
Great expectations बजट 2023-24 में राजकोषीय विवेक और चुनावी संकेतों के बीच संतुलन होना चाहिए अगले सप्ताह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले अपना पांचवां और इस सरकार का आखिरी पूर्ण बजट पेश करेंगी। यों तो अगले साल के अंतरिम बजट में भी कुछ चुनावी प्रस्ताव पेश किए जा सकते हैं, लेकिन भारतीय...
Economics Editorial
व्यापारिक हवाएँ: भारतीय निर्यात गिरने पर
Trade winds लड़खड़ाती पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं का सबसे बुरा असर भारतीय निर्यात पर अभी पूरी तरह से पड़ना बाकी है दिसंबर 2022 में भारत के माल निर्यात के लिए दो वर्षों में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसमें $34.5 बिलियन के उत्पादों का निर्यात हुआ – एक साल पहले की तुलना में 12.2% कम। तीन महीने में यह दूसरी बार था जब शिपमेंट...
Economics Editorial
आकस्मिक रूझान: थोक मुद्रास्फीति का मामला
A fortuitous trend मुद्रास्फीति में नरमी को जारी रखने के लिए इसे और अधिक व्यापक होना होगा वर्ष 2022 का आखिरी महीना सालभर छाए रहे उच्च मुद्रास्फीति से कुछ राहत देता हुआ दिखाई दे रहा है। दिसंबर माह के दौरान उपभोक्ताओं द्वारा सामना की जाने वाली औसत मूल्य वृद्धि गिरकर नवंबर 2021 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर 5.7 फीसदी पर आ...
Economics Editorial
मिले-जुले संकेत: ‘मैक्रो-इकोनॉमिक’ आंकड़ों का सवाल
Mixed signals: On macro-economic data ‘मैन्यूफैक्चरिंग’ में तेजी आई है, लेकिन महंगाई अब भी चिंता का सबब है नवंबर माह के आठ प्रमुख उद्योगों के आधिकारिक सूचकांक और दिसंबर माह के ‘मैन्यूफैक्चरिंग’ एवं सेवा क्षेत्रों के एस एंड पी ग्लोबल के सर्वेक्षण-आधारित क्रय प्रबंधकों के सूचकांक (पीएमआई) सहित हालिया वृहत आर्थिक (मैक्रो-इकोनॉमिक)...
Economics Editorial
अपार श्रद्धा: नोटबंदी पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सरकार को जवाबदेह ठहराने में नाकाम रहा
Overly deferential: On Supreme Court judgment on demonetisation नोटबंदी को सही दावा देते हुए, सुप्रीम कोर्ट सरकार को जवाब देश जारी करने में नाकाम रहा यह एक बार-बार दोहराया जाने वाला न्यायिक नजरिया है कि अदालतों को आर्थिक और सामाजिक नीति के मसले पर निर्वाचित सरकार के फैसलों से खुद को अलग रखना चाहिए। अदालतों के हस्तक्षेप...
Economics Editorial
मेहनत की कमाई: राज्यों को मनरेगा का आवंटन रोका जाना
Laboured wages: On MGNREGS payments to States मनरेगा के लिए राज्यों को किए जाने वाले भुगतान में किसी भी किस्म की देरी अनैतिक है राज्यसभा में ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और तृणमूल कांग्रेस के सांसद जवाहर सरकार के बीच पश्चिम बंगाल में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के लिए धन...
Economics Editorial
एक काबिलेतारीफ कदम: मुफ्त अनाज योजना
A welcome move केंद्र द्वारा 2023 में मुफ्त खाद्यान्न वितरण का भार उठाने से राज्यों को राहत मिलेगी सरकार ने अप्रैल, 2020 से लेकर दिसंबर, 2022 (बीच की एक छोटी अवधि को छोड़कर) के दौरान चलने वाली ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ (पीएमजीकेवाई) का और आगे विस्तार नहीं करने का निर्णय लिया है और खाद्यान्नों का अतिरिक्त आवंटन...
1 2 3 8
पेटेंट सौदेबाजी को लागू करना
Enforcing the Patent Bargain आईपीआर संवेदनशीलता सार्वजनिक स्वास्थ्य दायित्वों की कीमत पर नहीं होनी चाहिए प्रसंग: 2016 में, वाणिज्य मंत्रालय के तहत तत्कालीन औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (जिसे अब उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के रूप में जाना जाता है) ने राष्ट्रीय आईपीआर नीति जारी की। इस नीति का समग्र उद्देश्य देश...
बड़ी उम्मीदें: निर्मला सीतारमण का चुनाव-पूर्व बजट
Great expectations बजट 2023-24 में राजकोषीय विवेक और चुनावी संकेतों के बीच संतुलन होना चाहिए अगले सप्ताह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले अपना पांचवां और इस सरकार का आखिरी पूर्ण बजट पेश करेंगी। यों तो अगले साल के अंतरिम बजट में भी कुछ चुनावी प्रस्ताव पेश किए जा सकते हैं, लेकिन भारतीय...
व्यापारिक हवाएँ: भारतीय निर्यात गिरने पर
Trade winds लड़खड़ाती पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं का सबसे बुरा असर भारतीय निर्यात पर अभी पूरी तरह से पड़ना बाकी है दिसंबर 2022 में भारत के माल निर्यात के लिए दो वर्षों में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसमें $34.5 बिलियन के उत्पादों का निर्यात हुआ – एक साल पहले की तुलना में 12.2% कम। तीन महीने में यह दूसरी बार था जब शिपमेंट...
आकस्मिक रूझान: थोक मुद्रास्फीति का मामला
A fortuitous trend मुद्रास्फीति में नरमी को जारी रखने के लिए इसे और अधिक व्यापक होना होगा वर्ष 2022 का आखिरी महीना सालभर छाए रहे उच्च मुद्रास्फीति से कुछ राहत देता हुआ दिखाई दे रहा है। दिसंबर माह के दौरान उपभोक्ताओं द्वारा सामना की जाने वाली औसत मूल्य वृद्धि गिरकर नवंबर 2021 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर 5.7 फीसदी पर आ...
मिले-जुले संकेत: ‘मैक्रो-इकोनॉमिक’ आंकड़ों का सवाल
Mixed signals: On macro-economic data ‘मैन्यूफैक्चरिंग’ में तेजी आई है, लेकिन महंगाई अब भी चिंता का सबब है नवंबर माह के आठ प्रमुख उद्योगों के आधिकारिक सूचकांक और दिसंबर माह के ‘मैन्यूफैक्चरिंग’ एवं सेवा क्षेत्रों के एस एंड पी ग्लोबल के सर्वेक्षण-आधारित क्रय प्रबंधकों के सूचकांक (पीएमआई) सहित हालिया वृहत आर्थिक (मैक्रो-इकोनॉमिक)...
अपार श्रद्धा: नोटबंदी पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सरकार को जवाबदेह ठहराने में नाकाम रहा
Overly deferential: On Supreme Court judgment on demonetisation नोटबंदी को सही दावा देते हुए, सुप्रीम कोर्ट सरकार को जवाब देश जारी करने में नाकाम रहा यह एक बार-बार दोहराया जाने वाला न्यायिक नजरिया है कि अदालतों को आर्थिक और सामाजिक नीति के मसले पर निर्वाचित सरकार के फैसलों से खुद को अलग रखना चाहिए। अदालतों के हस्तक्षेप...
मेहनत की कमाई: राज्यों को मनरेगा का आवंटन रोका जाना
Laboured wages: On MGNREGS payments to States मनरेगा के लिए राज्यों को किए जाने वाले भुगतान में किसी भी किस्म की देरी अनैतिक है राज्यसभा में ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और तृणमूल कांग्रेस के सांसद जवाहर सरकार के बीच पश्चिम बंगाल में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के लिए धन...
एक काबिलेतारीफ कदम: मुफ्त अनाज योजना
A welcome move केंद्र द्वारा 2023 में मुफ्त खाद्यान्न वितरण का भार उठाने से राज्यों को राहत मिलेगी सरकार ने अप्रैल, 2020 से लेकर दिसंबर, 2022 (बीच की एक छोटी अवधि को छोड़कर) के दौरान चलने वाली ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ (पीएमजीकेवाई) का और आगे विस्तार नहीं करने का निर्णय लिया है और खाद्यान्नों का अतिरिक्त आवंटन...
1 2 3 8